- पांच दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन हुआ व्याख्यान
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में गुरु वार को पांच दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 में निहित चुनौतियां विषय पर चर्चा हुई। सहकारी पीजी कॉलेज महिरावां के प्राचार्य प्रो. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि विश्व में आर्थिक स्थिति के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थी को राजकुमार बनाया गया है राजा नहीं।
उसके एकेडमिक बैंक के क्रैडिट को ट्रांसफर करने की व्यवस्था है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) में बहुविषयक टीचिंग और रिसर्च पर जोर दिया गया है जो कि विद्यार्थी के हित में है। व्यावहारिक मनोविज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु बनाने में सहयोग करेगी। ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मौजूदा शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी।
उन्होंने कहा कि इसके तहत डिजिटल यूनिवर्सिटी और ऑनलाइन क्लासरूम की व्यवस्था की जा रही है। कार्यशाला की अध्यक्षता डीन संकाय के प्रो. बीबी तिवारी ने किया। इस अवसर पर कार्यशाला के नोडल अधिकारी प्रो. अजय द्विवेदी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. नुपूर तिवारी, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,डा. नीतेश जायसवाल, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. अशोक यादव, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. चंदन सिंह आदि थे।

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