- पूविवि में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान पर्व
- अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह भेंट करके किया गया सम्मानित
सिद्दीकपुर, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर शिक्षक सम्मान समारोह हुआ जहां कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सच्चा शिक्षक वहीं है जो सबसे सीखता है। शिक्षक को दीपक की तरह होना चाहिए जो खुद जलकर दूसरों को रोशन करें। शिक्षक व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का निर्माता होता है। उन्होंने कबीर की साखी के माध्यम से गुरु की महत्ता को रेखांकित किया और सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाला और भटके को रास्ता दिखाने वाला ही गुरु है। वित्त अधिकारी संजय राय ने कहा कि शिक्षकों के लिए चुनौती भरा समय है। उन्हें शिक्षा के तकनीकी प्रक्रिया से भी लड़ना है। इसके पहले डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन पर डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। इस अवसर कई शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के नोडल अधिकारी प्रो. अजय द्विवेदी ने समारोह की प्रस्तावना रखा।
सह नोडल अधिकारी डा. मनोज पांडेय ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डा. मनोज मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. देवराज सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. वंदना राय, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. राम नारायण, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. नुपूर तिवारी, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. मुराद अली, डा. संतोष कुमार, डा. प्रमोद यादव, डा. रसिकेश, डा. मनीष गुप्ता, डा. जान्हवी श्रीवास्तव, डा. सुनील कुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. श्याम कन्हैया सिंह, डा. अमरेंद्र सिंह, डा. अवध बिहारी सिंह समेत समस्त उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

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