प्रबंधक के पुत्र राज सिंह ने कहा- शिक्षा के साथ संस्कार और सकारात्मक सोच को बनाएं जीवन का आधार
सुल्तानपुर। करौंदीकला विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत बाबू राम उजागर सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मेवपुर बरचौली में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। मुख्य अतिथि फतेह बहादुर सिंह एवं प्रबंधन के पुत्र राज सिंह ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, भाषण, नृत्य सहित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार और मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और आत्मविश्वास की झलक दिखाई दी।
फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि आजादी का पर्व हमें उन वीरों के त्याग की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष से देश स्वतंत्र हुआ। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने भविष्य की दिशा तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करने के बाद उसे हासिल करने के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम जरूरी है। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना चाहिए। यही दृष्टिकोण विद्यार्थी को आगे बढ़ने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि देश का भविष्य केवल ज्ञानवान ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान युवाओं के हाथों में सुरक्षित रहेगा। इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ ईमानदारी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
राज सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप भविष्य का लक्ष्य चुनें। किसी दूसरे की सफलता की नकल करने के बजाय अपनी प्रतिभा को पहचानना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों से पढ़ाई के लिए नियमित समय निर्धारित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल पढ़ाई में बाधा बन सकता है। तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने और नई चीजें सीखने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों और अभिभावकों के मार्गदर्शन का सम्मान करने तथा अच्छे संस्कारों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य अविनाश सिंह ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की शिक्षा देने के साथ उनके व्यक्तित्व का विकास करना है। सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहना चाहिए। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सहयोग और अनुशासन जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने बच्चों से नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। समारोह में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक एवं क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

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