जौनपुर: सेवा, समर्पण और संवेदना को सलाम: लायंस क्लब जौनपुर क्षितिज ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर नर्सों को किया सम्मानित

जौनपुर। “जब मरीज दर्द में होता है, तब सबसे पहले जो हाथ उसके माथे पर सुकून बनकर पहुंचता है, वह एक नर्स का होता है।” इसी सेवा, समर्पण और मानवता के भाव को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर लायंस क्लब जौनपुर क्षितिज द्वारा जिला अस्पताल में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मरीजों की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाली लगभग 30 नर्सों को सम्मान-पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कन्नौजिया रहे। उन्होंने नर्सों को सम्मानित करते हुए कहा कि अस्पतालों में नर्सें ही मरीजों के लिए सबसे बड़ा सहारा होती हैं। उनकी सेवा भावना और धैर्य स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतुल सिंह ने भावुक शब्दों में कहा, “मेरी नजरों में नर्सों का स्थान मां से भी ऊपर है, क्योंकि मां अपने बच्चे की सेवा करती है, लेकिन नर्स बिना किसी भेदभाव के हर मरीज को अपने परिवार की तरह संभालती है। कोरोना काल में जब लोग अपनों से दूर हो रहे थे, तब नर्सें अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की जिंदगी बचाने में जुटी थीं। समाज उनका यह ऋण कभी नहीं चुका सकता।”

उन्होंने कहा कि नर्सें केवल दवा नहीं देतीं, बल्कि अपने व्यवहार, धैर्य और मुस्कान से मरीजों में जीने की उम्मीद भी जगाती हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच नर्सों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

सम्मानित होने वाली नर्सों में सुशीला यादव, सुधा पटेल, ज्योति सिंह, आशीष सिंह, अंजली राय, गरिमा राय, अखिलेश यादव, निशा, किरण वर्मा, संदीप कुमार, रेखा मौर्य, शिवानी मौर्य, रंजना, अंजली वर्मा, खुशबू गुप्ता, पूजा चौरसिया, शीला देवी, अतुल कुमार, सुमन बिंद, पूजा गौतम, सुषमा गौतम, नीतू मौर्य, सरोज यादव, वैशाली वर्मा, पुष्पा चौरसिया, चंद्रभान भारती, स्वाति सिंह, उर्मिला कुमारी एवं गोखरा सोनकर प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

कार्यक्रम का संचालन संजय गुप्ता ने किया। संस्था सचिव अजीत सोनकर एवं कार्यक्रम संयोजक कौशल त्रिपाठी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अतुल सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक  फ्लोरेंस नाइटेंगल, जिन्हें “लेडी विद द लैंप” के नाम से जाना जाता है, ने क्रीमियन युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा कर पूरी दुनिया में नर्सिंग सेवा को नई पहचान दिलाई थी।

कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्थापक अध्यक्ष शशांक सिंह रानू ने कहा कि नर्सें मरीजों को अस्पताल में भी घर जैसा वातावरण देने का प्रयास करती हैं, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ होने की उम्मीद महसूस करता है।

इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष प्रदीप सिंह, पूर्व अध्यक्ष जय किशन साहू, विष्णु सहाय, धर्मेन्द्र सेठ, सर्वेश जायसवाल, डॉ. चंदन नाथ गुप्ता, जगन्नाथ मोदलवाल, देव आनंद, मनीष मौर्या, हाफिज शाह, शरद टंडन, अभिषेक श्रीवास्तव, लायनेस चेयरपर्सन आराधना सिंह, रितु त्रिपाठी, सुषमा सोनकर, निशा कन्नौजिया, वंशिका मौर्या सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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