बसौली धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, छठवें दिन 6000 से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, मां कात्यायनी की भक्ति में लीन रहे श्रद्धालु
जौनपुर। चैत्र नवरात्रि के छठवें दिन मंगलवार को सुईथाकला क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध देवीधाम बसौली में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना के इस पावन अवसर पर 6000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि और विजय की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेककर परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। पूरे दिन ‘जय माता दी’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नवरात्रि के छठवें दिन महिलाओं, युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
देवीधाम बसौली के मुख्य पुजारी पंडित रमेश तिवारी ने बताया कि नवरात्रि का छठवां दिन मां कात्यायनी की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि मां कात्यायनी को शक्ति और पराक्रम की देवी माना जाता है, जो भक्तों के जीवन से भय और बाधाओं को दूर कर उन्हें साहस और विजय का आशीर्वाद देती हैं।
पं. तिवारी ने बताया कि सच्चे मन से मां कात्यायनी की आराधना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मां की कृपा से व्यक्ति को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
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