अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, भत्ता वृद्धि और कार्य व्यवस्था समेत छह प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग
अतिरिक्त हल्कों व ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार की चेतावनी
शाहगंज (जौनपुर)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, तहसील शाहगंज ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर राजस्व परिषद अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संघ ने 5 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो अतिरिक्त हल्कों का कार्य बंद कर दिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के बड़ी संख्या में लेखपाल वर्षों से गृह मंडल से दूर कार्यरत हैं। वर्ष 2025 में स्थानांतरण के लिए आवेदन लेने के बावजूद अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने और इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की है।
ज्ञापन में चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने, चयन वर्ष 2024 के नव नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र घोषित करने की भी मांग की गई है, ताकि उनका स्थायीकरण समय पर हो सके। स्टेशनरी भत्ता, वाहन भत्ता और विशेष भत्ते में वृद्धि, भूलेख कार्यालयों एवं अन्य सहायक पटलों से संबद्ध लेखपालों को मूल कार्य पर वापस भेजने और ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना रोस्टर लागू नहीं करने की मांग भी उठाई गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 5 अगस्त तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के लेखपाल अतिरिक्त हल्कों का कार्य बंद कर देंगे, संबंधित अभिलेख तहसील कार्यालय में जमा करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार करेंगे। हालांकि संगठन ने कहा है कि उसका उद्देश्य जनहित प्रभावित करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के समाधान के लिए शासन का ध्यान आकर्षित करना है।
तहसील अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। हमारी सभी मांगें कर्मचारियों के हित के साथ-साथ राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़ी हैं। शासन समय रहते सकारात्मक निर्णय ले, ताकि आंदोलन की नौबत न आए।"
तहसील मंत्री विवेक सिंह ने कहा कि संघ लगातार संवाद और ज्ञापनों के माध्यम से अपनी बातें रखता रहा है। यदि अब भी लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से घोषित आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन देने वालों में सनंदन भट्ट, रणजीत, रोशन अली, पवन सिंह, आलोक गुप्ता, रामविलास मौर्य आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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