वाराणसी। प्रयत्न फाउंडेशन द्वारा गांधी मेमोरियल स्कूल, कर्मजीतपुर सुन्दरपुर वाराणसी में “अवधी भोजपुरी कार्यशाला” एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों ने लाइव सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अवधी और भोजपुरी लोक संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत कर दिया। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा कार्यक्रम में सांस्कृतिक चेतना का अनूठा वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अवधी और भोजपुरी कार्यशालाओं का आयोजन भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसी कार्यशालाएं इन बोलियों के ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन की पहचान होती हैं।
कार्यशाला में सांस्कृतिक संरक्षण, भाषा के संवर्धन और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा भोजपुरी और अवधी के लोक साहित्य, लोकोक्तियों एवं मुहावरों से परिचित कराने में इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि हिंदी भाषा के विकास में क्षेत्रीय बोलियों का विशेष योगदान रहा है और इन्हें जीवित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर फाउंडेशन से चंद्र प्रकाश सोनकर, रोहित सोनी, सचिन यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोकभाषाओं के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।
0 टिप्पणियाँ