जौनपुर: श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु


आचार्य शांतनु जी महाराज ने सुनाया भगवान श्रीकृष्ण का प्रसंग, भाव-विभोर हुआ जनसमूह

जौनपुर। सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के सुइथाकला गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कथा के चौथे दिन आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप एवं उनकी लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा हैं।
उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव धर्म, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन से हमें सिखाया है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुख्य यजमान यमुना प्रसाद सिंह एवं इंद्रावती सिंह ने आए हुए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। मौके पर अनिल सिंह आईएएस, आरपी सिंह पूर्व प्रधानाचार्य, राहुल सिंह नगर कार्यवाह अयोध्या, एसपी बंसल, पूर्व नपा अध्यक्ष शाहगंज ओम प्रकाश जायसवाल, सर्वेंद्र विक्रम सिंह, भाजयुमो काशी क्षेत्र पवन पाल, पारसनाथ यादव, रमेश सिंह, प्रशांत सिंह, जगदंबा प्रसाद वर्मा, भाजपा नेता संतोष सिंह, अखिलेश मौर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


इनसेट - 


निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 300 से  अधिक मरीजों  का इलाज, शुगर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक

संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने किया उपचार

जौनपुर। सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के सुइथाकला गांव में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें कथा से पूर्व रविवार को निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आए हुए मरीजों का उपचार किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई, जिसमें सबसे अधिक शुगर (डायबिटीज) के मरीज पाए गए।

 आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर में करीब 300 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं। शिविर में शुगर के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही, जिस पर चिकित्सकों ने बचाव के सुझाव दिए। शिविर में कैंसर, दांत, नेत्र, सर्दी, जुकाम और बुखार सहित अन्य रोग से संबंधित मरीजों का इलाज कर उन्हें निशुल्क दवाएं दी गईं।
विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार (एचओडी मेडिसिन) ने बताया कि वर्तमान समय में अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को नियमित जांच, संतुलित आहार, मीठे से परहेज और रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी।इस अवसर पर मुख्य यजमान यमुना प्रसाद सिंह एवं इंद्रावती सिंह ने सभी चिकित्सकों, सहयोगियों और आगंतुकों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। साथ ही डॉ. रमेश सिंह, डॉ. उमेश सिंह, दिनेश सिंह ने सभी सहयोगियों का विशेष आभार प्रकट किया जिनके सहयोग से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिविर में शामिल प्रमुख चिकित्सकों में डॉ. आनंद शुक्ला(बाल रोग), डॉ. वी.के. वर्मा (इंचार्ज ट्रॉमा सेंटर), डॉ. अजीत सिंह (एचओडी डेंटल), डॉ प्राची सिंह ( डेंटल) डॉ खुशबू शर्मा( क्रिटिकल केयर) डॉ विनीत सिंह (न्यूरो सर्जन) डॉ. अशोक चौरसिया (बाल रोग) डॉ. रंजिता सिंह, राजीव  सिब्बल, सुनील जिज्ञासु (सीनियर फार्मासिस्ट) सहित अन्य चिकित्सक एवं  उनकी टीम शामिल रही।

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