सुइथाकला के देवी धाम बसौली में भव्य गंगा आरती का आयोजन
जल, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग का दिया संदेश
जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के देवी धाम बसौली में गुरुवार को वाराणसी से पधारे ब्राह्मणों, मुख्य पुजारी पंडित रमेश तिवारी और क्षेत्र वासियों की ओर से भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया जो देर रात तक चला रहा। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा और श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए।
कार्यक्रम में मशहूर गायक मंतोष पांडेय ने “विंध्याचल वाली मैया”, “बम-बम बोल रहा है काशी” सहित कई देवगीत और भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। चर्चित गायिका एकता सिंह ने निमिया की डारि मैया, रहबे तोहरे भवनवा में मैया और गायक हरिओम तिवारी के निमिया की डारि मैया डारेली झुलनवा देवगीत की शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुति पर भक्तों के पांव थिरकते रहे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर मुख्य पुजारी पं. रमेश तिवारी ने वाराणसी से आए विद्वान ब्राह्मणों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “गंगा आरती हमें जल के महत्व को समझने और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक करती है। जल ही जीवन का आधार है और इसके बिना सृष्टि की कल्पना संभव नहीं है।”
पं. तिवारी ने आगे कहा कि सृष्टि का संतुलन बनाए रखने के लिए जल, वायु और प्रकृति के अन्य तत्वों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। गंगा आरती के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग का संदेश भी मिलता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है, जिससे आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और प्रकृति दोनों से जुड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने मां के जयकारों के साथ आरती में हिस्सा लिया।
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