जौनपुर: ईश्वर की भक्ति ही मानव जीवन का परम उद्देश्य : मुरारी श्याम पाण्डेय


 सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के भेला गांव में आयोजित हुई सप्त दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण कथा

जौनपुर।  सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के भेला गांव निवासी अधिवक्ता चंद्र भूषण मिश्र के पैतृक निवास स्थान पर आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय शिव महापुराण कथा के सातवें दिन शनिवार को ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य की त्रिवेणी प्रवाहित हुई। कथा सुनने के लिए कथा प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक आचार्य पं. मुरारी श्याम पाण्डेय ने कहा कि भगवान शिव की निष्काम भक्ति ही मानव को भव सागर से पार करेगी। ईश्वर की भक्ति ही मानव जीवन का परम उद्देश्य है। भगवान सदैव अपने भक्तों के अधीन रहते हैं। भक्ति के बिना मनुष्य को चौरासी लाख योनियों में भटकना पड़ता है। कहा कि शिव समस्त सृष्टि के विघ्न विनाशक हैं जिनकी भक्ति से सभी ग्रह स्वयं शांत हो जाते हैं।

 प्रारब्ध तो सबको भोगना पड़ता है लेकिन जो परमात्मा शरण में आ जाते हैं, सबके पूर्व जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान भोलेनाथ भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होते हैं इसलिए उन्हें आशुतोष कहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रणाम का बड़ा महत्व होता है। उन्होंने समाज को संस्कार युक्त होने का आह्वान किया। कहा कि यदि परिवार के सभी सदस्य अपने अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन करें, एक दूसरे का आदर सत्कार करें, प्रणाम करें तो परिवार में कभी भी कलह नहीं हो सकती। उन्होंने वृत्तासुर वध, महर्षि दधिचि, किरात अवतार आदि प्रसंग का मार्मिक और सजीव चित्रण किया। मौके पर ब्रज भूषण मिश्र, काशीनाथ तिवारी, जय प्रकाश मिश्र, ध्रुवराज तिवारी, इंद्र भूषण मिश्र, शंभू नाथ मिश्र, महेंद्र प्रताप मिश्र एडवोकेट, विजय प्रकाश तिवारी (साधू), अभिषेक मिश्र, काशी नाथ मिश्र, दयाराम  प्रजापति, प्रभाकर मिश्र, धर्मराज सिंह, छविराज मौर्य, छोटेलाल मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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